गर्मी का मौसम बीतने के बाद, अब आम के अचार के बाद करौंदे का अचार का सीजन शुरू हो गया है. यह छोटा, खट्टा-मीठा फल अपने तीखे और मसालेदार स्वाद के कारण घरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. नागौर समेत पूरे क्षेत्र में इसे “देसी स्वाद का नया खजाना” कहा जा रहा है, जो सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है.
गर्मी के मौसम में जब कच्ची केरी का अचार हर घर में महक भर देता है, तो उसके कुछ ही समय बाद करौंदे के अचार का मौसम आ जाता है. छोटा सा यह हरा फल स्वाद में जितना खट्टा-मीठा और चटपटा होता है, उतना ही सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. करौंदे का अचार खासतौर पर अपने खट्टे-तीखे और मसालेदार स्वाद के लिए जाना जाता है. इसे दाल-चावल, रोटी-सब्जी या पराठे के साथ परोसने से खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है. यही वजह है कि गर्मियों के दिनों में ज्यादातर घरों की रसोई में करौंदे का अचार जरूर तैयार किया जाता है.
सबसे पहले करौंदों को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सूखने दें. यह कदम बहुत जरूरी है ताकि अचार लंबे समय तक खराब न हो. इसके बाद अचार के लिए खास मसाला तैयार किया जाता है. इसके लिए सौंफ, राई और मेथी दाने को हल्का सा भूनकर दरदरा पीस लें. अब सूखे करौंदों को बीच से हल्का चीरा लगाकर काट लें और हर टुकड़े में यह तैयार किया हुआ मसाला अच्छे से भर दें. इस तरह मसाले से भरे करौंदे अचार के लिए बिल्कुल तैयार हो जाते हैं.
इसके बाद इसमें थोड़ी सी भिगोकर सुखाई हुई चने की दाल डालें. चने की दाल डालने से अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और इसमें कुरकुरापन भी आता है. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और स्वादानुसार नमक डालें. इसके बाद हल्का-सा गुनगुना तेल डालकर अच्छे से मिक्स कर लें. तेल न केवल अचार को खराब होने से बचाता है बल्कि इसमें गजब का स्वाद और खुशबू भी भर देता है.
अब तैयार अचार को साफ और सूखे कांच या चीनी मिट्टी के डब्बे में भरकर चार-पांच दिन के लिए किसी गर्म जगह पर रख दें. कुछ दिनों बाद जब मसाला करौंदे में अच्छे से घुल-मिल जाएगा तो अचार खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा. यह न केवल खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है.
करौंदे का अचार स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है. इसके सेवन से पाचन क्रिया मजबूत होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं. साथ ही यह त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में भी लाभदायक माना जाता है.
यह त्वचा और बालों के लिए बहुत लाभदायक होता है. क्योंकि इसमें विटामिन C पाया जाता है. जो स्किन को चमकदार बनाता है और बालों को मजबूती देता है. इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं. जो शरीर को फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. यह लीवर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है.
करौंदे का अचार न सिर्फ आपके खाने में स्वाद का तड़का लगता है. बल्कि यह परंपरा और घर की देसी जायके का भी हिस्सा है. हर घर की रसोई में इसकी खुशबू और खट्टे तीखे स्वाद की पहचान अलग ही होती है. तो इस सीजन में अगर आपने करौंदे का अचार नहीं बनाया तो समझिए आपने सबसे लाजवाब स्वाद को खो दिया है.